दुपुब दिषुम (Dupub Dishum)
By Kashrai Kudada
Original price was: ₹200.00.₹175.00Current price is: ₹175.00.
‘हो’ आदिवासी भाषा, संस्कृति और वैचारिकी में रुचि रखने वाले पाठकों के लिए “दुपुब दिषुम” एक महत्त्वपूर्ण पुस्तक
Description
“दुपुब दिषुम” काशराय कुदादा का नवीनतम निबंध-संग्रह है, जिसे उन्होंने अपनी मातृभाषा ‘हो’ और उसकी विशिष्ट वाराङक्षिति लिपि में लिखा है। 1940 के दशक में भाषाविद् और सांस्कृतिक पुरोधा लको बोदरा द्वारा विकसित वाराङक्षिति लिपि ने ‘हो’ समाज को अपनी भाषा में लेखन, प्रकाशन और सांस्कृतिक अभिव्यक्ति का सशक्त माध्यम प्रदान किया। “दुपुब दिषुम” इसी भाषाई और सांस्कृतिक यात्रा को आगे बढ़ाने वाला एक महत्त्वपूर्ण साहित्यिक हस्तक्षेप है।
इस संग्रह के निबंध भाषा, लिपि, संस्कृति, अस्मिता, स्वशासन और आदिवासी जीवन-दृष्टि से जुड़े प्रश्नों को गंभीरता से सामने लाते हैं। पुस्तक यह भी रेखांकित करती है कि किसी भाषा की समृद्धि केवल उसकी लिपि में नहीं, बल्कि उसकी स्मृतियों, गीतों, कथाओं, ध्वनियों और सामुदायिक ज्ञान-परंपराओं में निहित होती है।
पत्र-पत्रिकाओं के प्रकाशन, भाषा-प्रशिक्षण, युवा सांस्कृतिक चेतना और डिजिटल तकनीक के माध्यम से ‘हो’ भाषा के प्रसार में सक्रिय काशराय कुदादा का यह संग्रह समकालीन ‘हो’ साहित्य के विकास में एक उल्लेखनीय योगदान है। “दुपुब दिषुम” ‘हो’ भाषा, संस्कृति और आदिवासी वैचारिकी में रुचि रखने वाले पाठकों के लिए एक महत्त्वपूर्ण पुस्तक है।
Additional information
| Weight | 0.1 kg |
|---|---|
| Dimensions | 21 × 14 × 21 cm |





