अंजलि कम्म
By Ashwini Kumar Pankaj
Original price was: ₹160.00.₹150.00Current price is: ₹150.00.
‘अंजलि कम्म’ उपन्यास सौ पीढ़ी पहले हुई उन श्रमण महिला नेत्रियों के संघर्ष की गाथा है, जिन्होंने मुट्ठी भर भद्रलोक, व्यापारी वर्ग और सत्ता को आजीवक विचार से जबरदस्त चुनौती पेश की।
Description
छठी शताब्दी ईसा पूर्व का भारत केवल दार्शनिक परंपरा की मजबूती का काल नहीं, बल्कि गहरे सामाजिक और वैचारिक संघर्षों का समय था। इसी पृष्ठभूमि में रचा गया यह उपन्यास आजीवक श्रमण परंपरा की उन स्त्रियों की कहानी कहता है, जिन्हें इतिहास ने ‘अचेलिका’ (नग्न) कहकर अदृश्य बना दिया। जिन्होंने मक्खलि गोसाल के आजीवक मत का अनुसरण किया। जैन और बौद्ध ग्रंथों में बिखरे संकेतों के आधार पर रची गई ‘अंजलि कम्म’ की ‘शंख’ एक काल्पनिक अचेलिका होते हुए भी उन असंख्य श्रमण स्त्रियों का सामूहिक रूप है, जिनका जीवन, श्रम और विचार उस समय की सामाजिक संरचना, धम्म और सत्ता को चुनौती दे रही थीं। यह उन आजीवक श्रमण स्त्रियों के पक्ष में है जिनकी उपस्थिति भारतीय दर्शन और विचार के इतिहास में लगभग अदृश्य है। पर जिनका ‘विचार जीन’ आज भी हमारे भीतर बगैर किसी स्तूप, मठ, तीर्थंकर या ग्रंथ के भौतिकवादी विचार-धम्म के रूप में साँस ले रहा है।
Additional information
| Weight | 0.1 kg |
|---|---|
| Dimensions | 21 × 14 × 21 cm |





